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.योग भारती हरियाणा की स्थापना दिसंबर 2020 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यालय रोहतक हुड्डा कांप्लेक्स माधव कुंज में श्रीनिवास मूर्ति जी वरिष्ठ प्रचारक के सानिध्य में एक विशेष बैठक मैं रखी गई प्रस्तावना के आधार पर हुई। वस्तुतः जैसा हमें विदित हुआ श्रीनिवास मूर्ति जी की वर्तमान सरकार्यवाह माननीय ‘भैया जी जोशी’ के साथ वह वार्तालाप जिसमें योग विषय की विश्व में बढ़ती महत्ता एवं योग जैसे गूढ़ विषय के सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर एक अहम चर्चा रही। वर्ष 2015 से विश्व भर में योग दिवस मनाया जाना प्रारंभ हो चुका था। पूरे विश्व में भारत की इस गौरवमई परंपरा के प्रति श्रद्धा व विश्वास दिखाई दे रहा था। विश्व में सभी स्थानों पर योग के चिकित्सकीय उपयोग, जीवन ऊर्जा व शक्ति बढ़ाने के उपयोग हेतु इसका उपयोग किया जाने लगा। आज पूरा विश्व योग विज्ञान को लेकर भारत की ओर बड़ी आशा की दृष्टि से देख रहा है। ऐसे समय में भारतवर्ष में भी योग की ख्याति जन-जन तक पहुंच रही थी। योग गुरु बाबा रामदेव के योग के प्रति प्रचार-प्रसार की कटिबद्धता के आधार पर आज योग पुस्तकों से निकलकर धरातल पर आ चुका था। परंतु इसके सामने कुछ चुनौतियां भी साथ में उभरना शुरू हुई।  जिसमें क्रियाओं , नामकरण , विधि को लेकर भिन्नता क्रियाओं के सत्यता को लेकर भिन्नता आदि, इस प्रकार की हठधर्मिता योग विषय को लेकर समाज में भिन्न-भिन्न संस्थाओं के माध्यम से एक अंतर्द्वंद के रूप में दिखाई दे रही थी। 

जैसा कि हम सबको विदित है कि योग विषय हमारी भारतीय संस्कृति का एक जीवन विज्ञान से जुड़ा ऐसा गूढ़ विषय रहा जिसके आधार पर हमारी भारतीय जीवनशैली को आधुनिक समय में भी विज्ञान की दृष्टि से सर्वोत्तम माना गया है। भारत की यह सांस्कृतिक परंपरा बिना किसी विवाद व बाधा के अविरल रूप से विश्व को सुखी बनाने का कार्य करती रहे।  ऐसी योगिक जीवन शैली का प्रचार – प्रसार पूरे विश्व में समग्र दृष्टि से फैले, ऐसी हर भारतीय की मनोभावना सदैव से रहती ही है। इसी हेतु को लेकर योग भारती की संकल्पना, संगठन व विस्तार का कार्य प्रारंभ हुआ। योग के क्षेत्र में काम करने वाले छोटी-बड़ी भिन्न-भिन्न असंख्य संस्थाओं के मध्य सामंजस्य उनके अंतर विरोधों को दूर करके योग विज्ञान परंपरा को शोध के साथ जोड़कर समाजोपयोगी बनाया जा सके।  इस नाते योग भारती की संकल्पना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह माननीय भैयाजी जोशी एवं श्रीनिवास मूर्ति जी वरिष्ठ प्रचारक के बीच चली इस चर्चा से इस संगठन की संकल्पना मूर्त रूप बनकर उभरी। माननीय सरकार्यवाह जी की प्रेरणा से ही श्रीनिवास मूर्ति जी ने योग भारती की संकल्पना को लेकर हिमाचल प्रदेश में सोलन क्षेत्र के ‘गण की शेर’एक अत्यंत प्राकृतिक स्थल को योग भारती का तीर्थ के रूप में विकसित कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश की इकाई खड़ी करने के तत्पश्चात उनकी दृष्टि हरियाणा पर रही जहां कार्यकर्ताओं की टोली ने उनके इस प्रस्ताव का हार्दिक समर्थन करते हुए इस श्रेष्ठ कार्य को करने का संकल्प लिया। इसका उद्देश्य विशुद्ध रूप से समाज में योग जीवनशैली का प्रचार – प्रसार एवं योग क्षेत्र में कार्य करने वाली भिन्न-भिन्न सरकारी, गैर सरकारी संस्थाओं से संबंध स्थापित करते हुए उनको एक मंच पर जोड़े रखना है । योग भारती हरियाणा समिति का रजिस्ट्रेशन कार्य पूर्ण हो चुका है । आज वर्तमान समय में योग भारती हरियाणा के संगठन की दृष्टि से 27 जिलों में कार्य है। योग भारती हरियाणा कि प्रांत की इकाई भी पूर्ण रूप से बनकर तैयार हो चुकी है । जिसकी घोषणा भी 17 अक्टूबर 2021 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह के द्वारा रोहतक हुड्डा कंपलेक्स माधव कुंज संघ कार्यालय में हो चुकी है। अब धीरे-धीरे सभी जिलों की इकाई भी पूर्ण रूप से गठित हो रही है।

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                                      माननीय श्रीनिवास मूर्ति जी,

                   संस्थापक,योग भारती हिमाचल,वरिष्ठ प्रचारक,राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ

योग से कोरोना कैसे हारेगा? योग भारती के संस्थापक श्रीनिवास मूर्ति के दिव्य अनुभूत प्रयोग।